
झारखंड राज्य एनआरएचएम, एएनएम, जीएनएम अनुबंध कर्मचारी संघ और झारखंड अनुबंध पारा मेडिकल कर्मचारी संघ के बैनर तले राजभवन के पास अनशन पर बैठे कर्मियों की तबीयत एक के बाद एक खराब हो रही है. दोपहर में नवीन रंजन की तबीयत खराब होने के बाद उन्हें आटो से सदर हॉस्पिटल भेजा गया. इससे पहले उन्हें हॉस्पिटल भेजने के लिए एंबुलेंस के लिए कोशिश की गई. लेकिन एंबुलेंस का इंतजाम नहीं हो सका. तब उन्हें आटो में चढ़ाकर हॉस्पिटल भेज दिया गया. वहीं कुछ देर पहले ही प्रदेश महासचिव वीणा कुमारी की हालत खराब हो गई थी. उन्हें भी तत्काल इलाज के लिए हॉस्पिटल भेजा गया था.
24 से आमरण अनशन पर बैठे
फार्मासिस्ट, एक्सरे टेक्नीशियन, एएनएम, जीएनएम, लैब टेक्नीशियन 16 जनवरी को मुख्यमंत्री आवास का घेराव का प्रयास किया था. इस दौरान पुलिस ने उन्हें रोक दिया था. इसके बाद 17 जनवरी से उन्होंने अनिश्चितकालीन हड़ताल शुरू कर दिया. वहीं 24 जनवरी से 8 हजार कर्मी अपने जिला मुख्यालयों में आमरण अनशन पर है. उनकी मांग है कि जबतक लिखित में उन्हें कोई कागजात नहीं मिलता तो इसबार अनशन जारी रहेगा. कर्मियों का कहना है कि वर्तमान सरकार ने तीन महीने में अनुबंध कर्मियों के समायोजन का वादा किया था. लेकिन तीन साल बीत जाने के बाद भी सरकार की ओर से कोई पहल नहीं की गई है. विकट परिस्थितियों में भी अनुबंध कर्मी सरकार के द्वारा चलाई जा रही तमाम योजनाओं को सफल कर रहे है.