
रांची.
ग्रेगोरियन यूनिवर्सिटी रोम, इटली में फादर प्रेम खलखो एसजे और उसकी टीम की अगुवाई में कार्डिनल तेलेस्फोर पी टोप्पो के लिए श्रद्धांजलि एवं पवित्र यूखारिस्त का आयोजन किया गया। श्रद्धांजलि कार्यक्रम की शुरुआत धर्मबंधु सुमित बाड़ा के द्वारा कार्डिनल की जीवनी को पढ़कर तथा उपस्थित लोगों के द्वारा उनकी तस्वीर के सामने कैंडल जलाकर और पुष्प चढ़ाकर कार्डिनल को श्रद्धांजलि अर्पित किया गया।
मौके पर अपने उपदेश में कार्डिनल के पूर्व सचिव फा सुशील टोप्पो ने कार्डिनल के जीवन पर प्रकाश डालते हुए कहा कि झारखण्ड रत्न से सम्मानित, एशिया का पहला आदिवासी कार्डिनल तेलेस्फोर प्लासिदिउस टोप्पो ने यीशु के क़दमों में चलते हुए उसके आज्ञाकारी सेवक बनकर प्रभु के साथ जीवन जीकर और तत्परता से अपने सेवा कार्यं से प्रभु कर मार्ग तैयार किया है। कार्डिनल ने बड़े प्यार से धर्मप्रांत, कलीसिया और पूरे मानव जाति की सेवा की।
मिस्सा के बाद फा प्रेम ने सबका धन्यवाद् किया। इस कार्यक्रम में निष्कलंक ह्रदय संस्था की मदर जनरल सिस्टर जेमा लकड़ा, सिस्टर सुमन टोप्पो, सी ग्लोरिया, सिस्टर एलिस, सिस्टर अनुग्रह, सिस्टर जुलियाना, फा संजय, फा अन्सेलेम, उपयाजक प्रमोद कुजूर, सरिता, अल्बेरतो तथा भारत के विभिन राज्यों से तथा अन्य देशो से रोम आये विद्यार्थी, धर्मबहनें और विशेष कर आदिवासी समुदाय के लोग शामिल हुए।