
रांची.
आदिवासी छात्र संघ की ओर से मणिपुर की घटना को लेकर विरोध प्रदर्शन किया गया. अल्बर्ट एक्का चौक पर मणिपुर सरकार का पुतला दहन भी किया गया. इस अवसर पर संघ के अध्यक्ष सुशील उराँव ने कहा कि मणिपुर की घटना में पूरे देश की महिलाओं के साथ साथ आदिवासियों के साथ भी सरकार का भेदभाव दिखाई पड़ता है. 4 मई की घटना को लेकर जो वीडियो सोशल मीडिया में प्रसारित किया गया देखकर कोई भी सभ्य व्यक्ति आक्रोशित हो सकता है. यह घटना आज अगर किसी बड़े शहर- दिल्ली, मुंबई या किसी हिंदू या मुस्लिम महिला के साथ होता में होता तो पूरा देश सड़क पर उतर आता.
आदिवासी छात्र संघ एवं झारखंड के सभी आदिवासी मणिपुर के आदिवासियों एवं पीड़ित परिवार के साथ संवेदना व्यक्त करती है. आदिवासी छात्र संघ केंद्र और मणिपुर की राज्य सरकार से तत्काल मांग करती है कि जितने लोग इस घटना में शामिल हुए उनको खोज खोज कर गिरफ्तार करें और कड़ी से कड़ी सजा दे ताकि एक नजीर कायम हो.
इस प्रदर्शन में केंद्रीय अध्यक्ष सुशील उराँव, रांची ज़िला अध्यक्ष राजू कुमार उरांव, आदिवासी छात्र संघ नगड़ी प्रखंड अध्यक्ष-महादेव उरांव, उपाध्यक्ष-बुधराम मुण्डा, कोषाध्यक्ष-शनी उरांव, उपसचिव-अनुज उरांव, प्रवक्ता-महादेव बेक,राजेश टेरो, देवदर्शन उरांव,अनीला उरांव, अंजलि कुमारी, निशा उरांव, सुनीला उरांव, गीता उरांव, प्रीति उरांव, कुसुम उरांव, माधुरी उरांव, सुशांत उरांव, आनंद उरांव, अरुण उरांव, बीरु उरांव, विनोद उरांव, राजेश उरांव, विवेक उरांव,परियाव्रत नाग,कर्मामनीषा उराव,उराव,जायरम उराव,शनि उराव,रिभा कुमारी, संध्या लकड़ा, अलका मिंज, सुषमा कुमारी, बिंदु कुमारी, इंदामानी कुमारी, रोहित उरांव, विकाश उरांव, करमचंद उरांव, विनोद खलखो, निरंजन उरांव, अमर उरांव, बबलू उरांव, प्रवीण भगत, बिकेश उरांव, बजरंग उरांव, रुपेश उरांव,आदि शामिल हुए.