
RANCHI: रिम्स अक्सर कुछ ना कुछ मुद्दों को लेकर विवादों में रहता है। कभी मारपीट की घटना तो कभी अव्यवस्था को लेकर। इन सबके बावजूद रिम्स के डॉक्टर अपनी ड्यूटी निभाना नहीं भूलते। रिम्स के न्यूरोसर्जरी विभाग के डॉक्टरों ने एक बार फिर मरीज को नया जीवनदान दिया है। वह मरीज कोई साधारण मरीज नहीं बल्कि एक गर्भवती महिला पुलिसकर्मी है। मांडर की रहने वाली गर्भवती महिला पुलिसकर्मी के सिर में 10 फरवरी को अज्ञात व्यक्ति ने घर के बाहर गोली मार दी थी। गंभीर स्थिति में उसे रिम्स लाया गया था। सर्जरी विभाग में प्राथमिक उपचार के बाद उसे न्यूरो सर्जरी में डॉ प्रोफेसर अनिल कुमार के यूनिट में भर्ती किया गया था। अगले दिन 6 घंटे की सर्जरी के बाद सिर के अंदर फंसी बुलेट निकाली गई। मरीज फिलहाल ठीक है और उसे हॉस्पिटल से छुट्टी दे दी गई है।
ब्रेन का एक हिस्सा क्षतिग्रस्त
बुलेट सिर की हड्डी को क्षतिग्रस्त करते हुए ब्रेन के अंदर चली गई थी। जिसकी वजह से ब्रेन का एक हिस्सा क्षतिग्रस्त हो गया था। यह एक चुनौतीपूर्ण ऑपरेशन था। ऐसी स्थिति में गर्भ में पल रहे बच्चे तथा मां दोनों को खतरा था। इस को ध्यान में रखते हुए डॉक्टरों की टीम ने ना केवल महिला की सफल सर्जरी की बल्कि उसके गर्भ में पल रहा बच्चा भी अब ठीक है। टीम में डॉ अनिल कुमार के अलावा डॉ विराट हर्ष, डॉ सौरव बेसरा, डॉ दीपक, डॉ अशोक, डॉ विकास कुमार, डॉ हबीब, डॉ कार्तिक और डॉ दीक्षा शामिल थे।