
53 आरोपियों को तीन साल की सजा, 36 आरोपियों की सजा के बिंदु पर एक सितंबर को सुनवाई होगी. 35 हुए बरी, तकरीबन 27 साल पुराने मामले में आया फैसला
रांची
चारा घोटाला से जुड़े आरसी 48ए/96 मामले में सोमवार को सीबीआई के विशेष जज विशाल श्रीवास्तव की अदालत ने फैसला सुनाया. आरोपियों में 89 लोगों को दोषी करार दिया गया है. इनमें से 53 को तीन साल तक की सजा सुनाई गई है. शेष 36 आरोपियों की सजा की सजा के बिंदु पर 1 सितंबर को सुनवाई होगी. 35 लोगों को बरी किया गया है. जिन्हें तीन साल तक की सजा सुनाई गई है उन्हें जमानत की सुविधा प्रदान की गई है.
जिन 36 लोगों को दोषी करार दिया गया है उनमें अशोक कुमार यादव, अचय कुमार सिन्हा, त्रिपुरारी मोहन प्रसाद, मो सईद, रामाशंकर सिह सहित अन्य लोग शामिल हैं. कोर्ट रूम में सुनवाई के दौरान एक आरोपी बेहोश भी हो गया था.
बता दें कि आरसी 48ए/96 चारा घोटाला से जुडा अंतिम केस है। यह डोरंडा कोषागार से 36.59 करोड़ रुपए की अवैध निकासी से जुड़ा मामला है। इस मामले में कुल 124 आरोपी शामिल हैं। रांची सीबीआई कोर्ट में चलनेवाले 53 मामलों में से 52 मामलों में फैसला आ चुका है। यह 53 वां और अंतिम मामला है.
आरोपियों में 08 कोषागार पदाधिकारी और 86 आपूर्तिकर्ता हैं। कोषागार पदाधिकारियो में महेंद्र प्रसाद, परमेश्वर प्रसाद, एनूल हक, देवेंद्र प्रसाद श्रीवास्तव, राजेंद्र पांडेय, राम सेवक साहू, दीना नाथ सहाय व साकेत बिहारी लाल शामिल है।
मामले में केस दर्ज होने के समय 186 लोगों को आरोपी बनाया गया था। सुनवाई के दौरान इनमें से 62 लोगों की मौत हो चुकी है। अभी 124 आरोपियों ने मामले में ट्रायल फेस किया था। इनमें कई आरोपी 80 साल से ज्यादा की उम्र के हैं। इस मामले में सीबीआई ने 594 गवाहों का बयान दर्ज कराया था.