
रांची।
हिंदी संस्कृत अंग्रेजी और अन्य भारतीय भाषाओं के प्रकांड विद्वान, रामचरित मानस का हिन्दी में अनुवाद करने वाले डॉ फादर कामिल बुल्के की पुण्यतिथि गुरूवार को मनाई गई।
इस अवसर पर मनरेसा हाउस में स्थित डॉ कामिल बुल्के की प्रतिमा पर होफमैन लॉ एसोसिएट के निदेशक फा महेंद्र पीटर तिग्गा, टीएसी के पूर्व सदस्य रतन तिर्की, प्रभाकर तिर्की, अधिवक्ता सिस्टर मुक्ता मरांडी, अधिवक्ता सिस्टर सिलवंती कुजूर, अधिवक्ता मृणालिनी टेटे, स्वीटी केरकेट्टा एवं अन्य गणमान्य लोगों ने फादर कामिल बुल्के को श्रद्धासुमन अर्पित कर श्रद्धांजलि दी।
होफमैन लॉ एसोसिएट के निदेशक फादर महेंद्र पीटर तिग्गा ने श्रद्धांजलि अर्पित कर कहा कि शिक्षा एवं मानवता के क्षेत्र में डॉ कामिल बुल्के के योगदान को कभी भी भुलाया नहीं जा सकता है।