ऑपरेशन के बाद डॉक्टर ने महिला के पेट में ही छोड़ दिया टॉवेल, 4 महीने बाद खुलासा

Img 20231128 Wa0002

RANCHI: डॉक्टरों को धरती का भगवान कहा जाता है। मरीजों के जीवन बचाने से इलाज करने में उनका अहम रोल होता है। लेकिन डॉक्टर की एक छोटी सी गलती की वजह से मरीज की जान पर बन आई है। जी हां, लोहरदगा में एक ऐसा ही चौंकाने वाला मामला सामने आया है। जहां आपरेशन के बाद डॉक्टर ने महिला के पेट में ही टॉवेल छोड़ दिया। जिससे कि महिला 4 महीने से असहनीय दर्द झेल रही है। रिम्स पहुंचने के बाद महिला का इलाज तो शुरू कर दिया गया है। वहीं मरीज के परिजनों ने डालसा सचिव को पत्र लिखकर मदद की गुहार लगाई है। लेकिन सबसे बड़ा सवाल यह है कि आखिर इसके लिए जिम्मेवार डॉक्टर पर कार्रवाई होगी?

सदर अस्पताल लोहरदगा का मामला

लोहरदगा के मसमानों की रहने वाली कौशिला देवी का ऑपरेशन लोहरदगा सदर अस्पताल में किया गया। इस दौरान डॉक्टर ने टॉवेल पेट में ही छोड़ दिया। इसका खुलासा तब हुआ जब आपरेशन के 4 माह बाद महिला के पेट का अल्ट्रासाउंड कराया गया। इन चार महीनों के दौरान महिला असहनीय पेट दर्द से परेशान रही। बता दें कि 26 जून 2023 को महिला कौशिला देवी का ऑपरेशन किया गया था। ऑपरेशन के कुछ घण्टों के बाद ही उसे दर्द होने लगा। समस्या बताने पर डॉक्टर ने दर्द की दवाइयां दी। पर दर्द कम होने की बजाय बढ़ता रहा। महिला ने दूसरे डॉक्टर से संपर्क किया। डॉक्टर ने रिपोर्ट देखने पर बताया कि उसकी पेट में कपड़े का टुकड़ा छूट गया है। यह सुनते ही महिला और उसके परिजन के होश उड़ गए। परिजनों ने बिना देर किए उसे रिम्स में एडमिट कराया। डॉ मीना मेहता की यूनिट में इलाज चल रहा है। वहीं पीड़ित महिला के पति ने डालसा प्रतिनिधि अनीता यादव को आवेदन देकर न्याय की गुहार लगाई है। वहीं अनीता यादव ने कहा कि मरीज की हरसंभव मदद की जाएगी।

इस मामले में लोहरदगा के सिविल सर्जन राजमोहन खलखो ने कहा कि ऐसी कोई जानकारी नहीं है. मेरे ज्वाइन करने के पहले का मामला है। फिलहाल मामला संज्ञान में आया है तो इसमें संबंधित लोगों से जानकारी ली जाएगी।

Leave a Comment