
RANCHI: जुमार नदी शहर की प्रमुख नदियों में से एक है। अब इस नदी के किनारे रांची के सबसे बड़े शवदाह गृह का निर्माण होने जा रहा है। सांसद संजय सेठ की पहल पर 7.5 करोड़ रुपए की लागत से रांची के सबसे बड़े शवदाह गृह का निर्माण किया जाएगा। जिसमें विद्युत चलित शवदाह की व्यवस्था भी होगी और चूल्हा भी रहेगा। यह अत्याधुनिक शवदाह गृह होगा, जहां लोग पारंपरिक रीति रिवाज से भी और विद्युत के माध्यम से भी अपने परिजनों का अंतिम संस्कार कर सकेंगे। इतना ही नहीं छठ को लेकर भी घाट पर इंतजाम किए जाएंगे। जिससे कि छठ के दौरान व्रतियों को कोई परेशानी न हो। बता दें कि उस जगह पर सबसे बड़ा शवदाह गृह बनाने का प्रस्ताव सांसद संजय सेठ ने ही दिया था।
दर्जनों लावारिस शव का अंतिम संस्कार
रिम्स के लावारिस शवों का भी अंतिम संस्कार जुमार नदी के किनारे ही किया जाता है। ऐसे शवों की संख्या दर्जनों में होती है। शवदाह गृह के निर्माण हो जाने से यह कार्य भी सुगमता पूर्वक हो सकेगा। सांसद श्री सेठ ने बताया कि उपरोक्त स्थल पर चार भवन भी बनेंगे। इसके अलावे अन्य कई सुविधाएं भी उपलब्ध कराई जाएगी। अब चूंकि इस नदी में बड़ी संख्या में स्थानीय लोग छठ व्रत भी करते हैं, इसलिए इस बात का भी ध्यान रखा जाएगा कि छठव्रतियों को कोई समस्या न हो। मुद्दों को लेकर सांसद ने छठ पूजा समिति से जुड़े लोगों के साथ भी बातचीत की है और संबंधित अधिकारियों से भी बातचीत कर आवश्यक दिशा निर्देश दिए हैं। स्थानीय लोगों और छठ पूजा समिति सहित विभिन्न सामाजिक कार्यकर्ताओं के साथ बहुत जल्द एक बैठक आयोजित की जाएगी। उसके बाद घाट के निर्माण को लेकर शिलान्यास होगा।
सांसद सेठ ने बताया कि रांची शहर की बढ़ती आबादी को देखते हुए बड़े शवदाह गृह का निर्माण जरूरी था। रांची शहर का विस्तार हो रहा है, ऐसे में इस महत्वपूर्ण कार्य के लिए भी विभिन्न सुविधाओं वाला स्थल चाहिए, यह आवश्यक है। उन्होंने इसके लिए लगातार प्रयास किया जिसका सपरिणाम सामने है। 7।5 करोड़ की लागत से बनने वाले इस शवदाह गृह और भवन में कई प्रकार की अन्य सुविधाएं भी उपलब्ध कराई जाएगी।