
RANCHI: रांची विश्वविद्यालय के 36वें दीक्षांत समारोह का आयोजन मोराबादी परिसर स्थित दीक्षांत मंडप में हुआ। इस समारोह में 65 टॉपरों को समेत 2859 छात्रों को उपाधि प्रदान की गयी। राज्यपाल सह कुलाधिपति सीपी राधाकृष्णन ने जोहार के साथ सभी को शुभकामनायें दी। उन्होंने कहा कि अपने शिक्षा की शक्ति की बदौलत ही आज भारत वैश्विक गुरू बनने की ओर अग्रसर है। हाल के कुछ वर्षों में भारतीय युवाओं ने अपनी शिक्षा से विश्व के सभी बड़े संस्थानों, उद्यमों के शीर्ष स्थानों को प्राप्त किया है। मुझे यह देख कर बहुत प्रसन्नता होती है कि आज यूरोप अमेरिका हमारी ओर देख रहे हैं। हमें अपनी भाषा और संस्कृति पर गर्व करना चाहिये। अपनी क्षेत्रिय एवं मातृभाषा को जानने के साथ ही अंग्रेजी को भी सीखना आवश्यक है।
36वें वार्षिक स्मारिका का विमोचन
मुख्य अतिथि राज्यपाल सह कुलाधिपति सीपी राधाकृष्णन, कुलपति रांची विश्वविद्यालय प्रो.डॉ. अजीत कुमार सिन्हा, ओएसडी जे एमसी नारायण, प्रतिकुलपति आरयू डॉ. अरूण कुमार सिन्हा व अन्य ने द्वीप प्रज्जवलित कर किया। परफॉर्मिंग एंड फाइन आर्ट विभाग के छात्रों ने राष्ट्रगीत और कुलगीत प्रस्तुत किया। इसके बाद कुलपति तथा रांची विश्विद्यालय के अन्य वरीय पदाधिकारियों ने कुलाधिपति को स्मृतचिन्ह और पुष्पगुच्छ देकर स्वागत किया। मंच पर कुलाधिपति द्वारा 36वें वार्षिक दीक्षांत के स्मारिका का विमोचन भी किया गया।
विश्वविद्यालय के छात्रों ने बढ़ाया मान
कुलपति प्रो. डॉ. अजीत कुमार सिन्हा ने कहा कि आज शिक्षा के बाद दीक्षा दी जा रही है। जिसमें हमारे विद्यार्थी दीक्षित होने जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि आज का भारत युवाओं का भारत है और रांची विश्वविद्यालय के छात्रों ने कई क्षेत्रों में राज्य व विवि का गौरव बढाया है। हमारे छात्रों ने हर क्षेत्र में उल्लेखनीय कार्य किया है। एशियन गेम्स में मेडल, योग में मेडल, खेल में सलीमा टेटे और फिजिक्स डिपार्टमेंट से पढ़ कर निकले गॉड पार्टिक्ल की खोज में काम करने वाले वैज्ञानिक डॉ. सिद्धार्थ का उल्लेख करते हुये उन्होंने कहा कि हमारा अतीत समृद्ध रहा है। अब हम भविष्य को देखते हुये कला संस्कृति, साइबर सिक्युरिटी, खेल,जलवायु परिवर्तन और रिसर्च के क्षेत्र में कार्य कर रहे हैं। आइआइटी दिल्ली, बीएयू, बीआईटी मेसरा, डिफेंस व अन्य के साथ एमोयू किया जा रहा है। विवि का टीआर एल और एंथ्रोपोलॉजी विभाग झारखंड की भाषा और संस्कृति की रक्षा कर रहा है।