
रांची
रांची के सांसद संजय सेठ ने कहा कि लोकसभा का मानसून सत्र 20 दिनों का था। इन 20 दिनों में जनहित के मुद्दों पर सार्थक वार्ता हो सकती थी। पर विपक्ष ने जिस तरह सत्र को बाधित किया वह अलोकतांत्रिक और अनुशासनहीनता की पराकाष्ठा थी। इसी वजह से विपक्ष के चार सांसदों को निलंबित भी किया गया। संजय सेठ गुरूवार को प्रेस वार्ता को संबोधित कर रहे थें. उन्होंने कहा कि विपक्ष का यह कृत्य अक्षम्य अपराध है और इस देश की जनता इसे माफ नहीं करेगी। जो फ्लोर टेस्ट विपक्ष सत्ता पक्ष के लिए चाह रहा था वह दरअसल विपक्ष का फ्लोर टेस्ट साबित हुआ। इन लोगों को देश की चिंता नहीं है इन्हें सिर्फ अपनी चिंता है।
मणिपुर पर भी चर्चा से भागे
संजय सेठ ने कहा कि सत्र के शुरूआत में ही गृहमंत्री अमित शाह ने मणिपुर पर चर्चा की मांग मान ली थी इसके बावजूद विपक्षी सदस्यों के द्वारा हंगामा जारी रखा गया। अविश्वास प्रस्ताव के दौरान इनलोगों ने प्रधानमंत्री को भी सुनना उचित नहीं समझा।
चांडिल डैम में वित्तीय अनियमितता की सीबीआई जांच हो
उन्होंने कहा कि चांडिल डैम में विस्थापितों की चौथी पीढी है जो भी भी कराह रहे हैं। चांडिल डैम में बड़े पैमाने पर वित्तीय अनियमितता हुई है। इन अनियमितताओं की जांच सीबीआई से कराने की मांग उन्होंने की है।
व्यवधान के बावजूद कई मंत्रालयों से सवाल पूछा, 18 का जवाब मिला
सांसद संजय सेठ ने कहा कि विपक्ष के व्यवधान के बावजूद उन्होंने सत्र के दौरान कई सवाल पूछे जिनमें 18 मंत्रालयों का जवाब उन्हें मिला। केंद्र सरकार दोनों हाथ खोलकर झारखंड को पैसा दे रही है पर राज्य सरकार इन्हें खर्च नहीं कर पा रही है। जल जीवन मिशन के तहत झारखंड को केंद्र से 10,000 करोड़ मिले पर राज्य सरकार इनमें से मात्र 3000 करोड़ खर्च कर पाई। शिशुओं और स्तनपान करनेवाली महिलाओं गर्भवती महिलाओं के पौष्टिक आहार के लिए केंद्र ने 397 करोड़ रुपए की राशि राज्य सरकार को दी है।
इसके अलावा पिछले दो वर्षों में 89 प्रधानमंत्री जनऔषधि केंद्र खोले गए हैं। इन केंद्रों में 50 से 90 फीसदी सस्ती दवाईयां उपलब्ध कराई जाती है।
इसी तरह आयुष्मान भारत योजना के तहत केंद्र ने 500000 तक की मुफ्त स्वास्थ्य बीमा का लाभ दिया है। इसके तहत झारखंड में 721 अस्पताल निबंधित किए गए हैं। पीएम कुसुम योजना के तहत 36 करोड़ की लागत से झारखंड में 36000 योजनाओं को स्वीकृति दी गई है।