रांची. आजसू सुप्रीमो सुदेश महतो ने मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन को पत्र लिखकर सिल्ली के राहे प्रखंड को सूखाग्रस्त घोषित करने की मांग की है. मुख्यमंत्री को लिखे पत्र में कहा गया है कि इस साल मानसून की दगाबाजी की वजह से राज्य के बड़े हिस्से को संकट का सामना करना पड़ा है. हालात के मद्देनजर राज्य सरकार ने पिछले महीने 226 प्रखंडों को सूखाग्रस्त घोषित किया है.
राज्य सरकार की ओर से सूखा प्रभावित प्रत्येक किसान को 3500 रूपये अग्रिम के रूप सहायता देने का निर्णय लिया गया है. इसके अलावा राहत से संबंधित कई योजनाओं से किसानों को लाभान्वित किया जायेगा.

पत्र में कहा गया है कि सिल्ली विधानसभा क्षेत्र का राहे प्रखंड सूखाग्रस्त सूची से बाहर है जबकि इस क्षेत्र में भी किसानों और खेतीहर मजदूरों ने व्यापक सूखे का सामना किया है. यहां की बड़ी आबादी धान की खेती पर ही निर्भर है. इसलिए इस मामले में सहानुभूतिपूर्वक विचार करते हुए उन्हे भी सूखा राहत योजनाओ से जोड़ा जाना चाहिए.
राहे में छोटे और सीमांत किसानों की बहुलता
सुदेश महतो ने मुख्यमंत्री को लिखे अपने पत्र में कहा है कि राहे प्रखंड में छोटे और सीमांत किसानों की बहुलता है. दूरदराज के इलाकों में खेतिहर मजदूर धान की खेती के इंतजार में रहते हैं. उनके लिए जीवन-यापन का यह बड़ा सहारा है. राहे के अलावा आसपास के दूसरे क्षेत्रों को पहले ही सूखाग्रस्त घोषित कर दिया गया है.
पत्र में कहा गया है कि सरकार ने कृषि विभाग की ग्राउंड ट्रूथिंग रिपोर्ट (जमीन आकलन) के आधार पर राज्य के 22 जिलों के 226 प्रखंडों को सूखाग्रस्त घोषित किया है. लेकिन ऐसा लगता है विभाग की ओर से राहे के हालात को लेकर जमीनी आकलन करने में चूक हुई है. सूखा के वक्त वैक्लपिक खेती अथवा अन्य जरूरी मदद उपलब्ध नहीं होने से भी किसान मुश्किल हालात से गुजर रहे हैं.