RANCHI :
साल 2008 में हॉलीवुड की एक फिल्म आयी थी इंडियाना जोंस एंड द किंगडम ऑफ क्रिस्टल स्कल. इंडियाना जोंस सिरीज की यह चौथी फिल्म थी. इस फिल्म को निर्देशित किया था लेजेंडरी निर्देशक स्टीवन स्पीलबर्ग ने. फिल्म में मुख्य भूमिका में हैरीसन फोर्ड थे जिन्होंने एक ऐसे ऑर्कियोलॉजिस्ट की भूमिका निभायी, जो खोज के लिए खतरा उठाने को हमेशा तैयार रहता है.

फिल्म की कहानी सेंट्रल अमेरिका के घने जंगलों में छिपी एक पुरानी सभ्यता के ईद-गिर्द घूमती है जिसके साथ एक क्रिस्टल स्कल (खोपड़ी) का रहस्य जुड़ा रहता है.
माया सभ्यता के लोग क्रिस्टल से स्कल क्यों बनाते थें
यह तो थी फिल्म की बात. पर सेंट्रल अमेरिका के ही होंडुरास और ग्वाटेमाला में कभी प्राचीन माया सभ्यता भी फली फूली थी. माया सभ्यता के लोग क्रिस्टल (एक तरह की पारदर्शी धातु) से स्कल और मूर्तियां बनाते थे. 20 वीं सदी के प्रारंभिक दौर में साहसी खोजकर्ता फ्रेडरिक मेचेल हेजेज ने अपने एक सहयोगी के साथ सेंट्रल अमेरिका के ब्लीज (तत्कालीन ब्रिटिश होंडुरास) में माया सभ्यता से जुड़े लूबनटून नामक जगह खोजी थी. माया निवासियों ने यहां पर पत्थरों के पिरामिड बनाये थे जो वक्त के साथ जंगलों और झाड़ियों में छिप गया था.
बे आइलैंड में दफन है क्रिस्टल की मूर्ति
हेजेज की बेटी एना को इन्हीं स्थानों पर एक क्रिस्टल स्कल मिला था जो अब खोजकर्ता बिल होमेन के पास है. हेजेज ने कैरिबियन सागर स्थित बे आइलैंड में माया सभ्यता से जुड़े कुछ और निशान खोजे. इनमें एक था क्रिस्टल से बनी एक पूरी मूर्ति जो किसी माया देवता की थी. उन्होंने उस मूर्ति को बे आइलैंड में उसी जगह पर छुपा दी जहां वह मिली थी.
हेजेज का वह अभियान काफी खतरनाक था वे बिना नक्शे और आधुनिक उपकरणों के बे आइलैंड तक गये थे जहां उस समय तक कई खतरनाक आदमखोर कबीलों की मौजूदगी थी. वे 76 वर्ष तक जीये. इंडियाना जोंस का किरदार मिचेल हेजेज से ही प्रेरित था. बहरहाल, हेजेज की मौत के कई दशक बाद खोजकर्ता, ऑर्कियोलॉजिस्ट और टेलीविजन शो एक्सपीडिशन अननोन के प्रस्तोता जोश गेट्स ने बिल होमेन के साथ लूबनटून और बे आइलैंड का दौरा किया. बे आइलेंड में उन्होंने दलदलों और घने जंगलों के बीच छिपी वह गुफा खोज निकाली जहां कभी हेजेज पहुंचे थे और जहां क्रिस्टल की वह मूर्ति मिली थी.
पर वे उस मूर्ति को खोज पाने में असफल रहे. वह शायद अभी भी वहीं कहीं दफन है. पर वह गुफा ऐसी थी जहां प्राकृतिक अवस्था में क्रिस्टल मौजूद थे साथ ही उन्हें मिट्टी से बनी माया सभ्यता से जुड़े बर्तन मिले. पर अब एक बार फिर से कैरेबियन के उस गुमनाम टापू पर खोज करने की अनुमति वहां की सरकार ने दे दी है. शायद आनेवाले समय में हमें वहां से कुछ और नई जानकारी हासिल हो.
(एक्सपीडिशन अननोन के आधार पर)