रिम्स और सदर में फैक्टर की किल्लत, हीमोफीलिया मरीजों की बढ़ी परेशानी
RANCHI : हीमोफीलिया के मरीजों को इंटरनल ब्लीडिंग होती है। ऐसे में उन्हें असहनीय दर्द होता है। ऐसे में समय पर जब उन्हें फैक्टर न लगाया जाए तो ब्लीडिंग बढ़ जाती है। इससे मरीज के जान जाने का भी खतरा होता है। इसके बावजूद स्वास्थ्य विभाग की ओर से राज्य के सबसे बड़े हॉस्पिटल रिम्स …