आदिवासी जनपरिषद की बैठक, यूसीसी सहित कई मुद्दों पर हुई चर्चा

आदिवासी जनपरिषद की बैठक, यूसीसी सहित कई मुद्दों पर हुई चर्चा

रांची.

करमटोली स्थित केंद्रीय धूमकुडिया सभागार करम टोली में शनिवार को आदिवासी जनपरिषद की बैठक हुई। इस बैठक में मुख्यत: चार बिंदुओं पर चर्चा की गई. इनमें यूनिफॉर्म सिविल कोड, विश्व आदिवासी दिवस, आदिवासी जनपरिषद के सांगठनिक ढांचे को कैसे मजबूत किया जाये और आदिवासियों की जमीन लूट पर वक्ताओं ने विचार रखें.

समान नागरिक संहिता (यूनिफॉर्म सिविल कोड) के मसौदे पर बैठक में कहा गया कि देश के विभिन्न स्थानों पर आदिवासी संगठन इसका विरोध कर रहे हैं. इसकी वजह यह है कि इस कानून के लागू होने से आदिवासियों को मिले विशिष्ट अधिकारों और कानूनों का हनन होगा. झारखंड के आदिवासी भी इससे बुरी तरह प्रभावित होंगे। पांचवीं अनूसची, पेसा कानून, ग्राम सभा को मिले अधिकार, सीएनटी, एसपीटी एक्ट आदि का कोई औचित्य नहीं रह जायेगा. इसलिए आदिवासी नहीं चाहते कि यूसीसी जैसे कानून उन पर लागू हो.

बैठक में कहा गया कि इस साल 9 अगस्त को मननेवाले विश्व आदिवासी दिवस पर धूमधाम से कार्यक्रम आयोजित करने की बात कही है. इसके अलावा लगातार आदिवासी जमीन की लूट पर भी चिंता व्यक्त की कई है. जनपरिषद इस लूट के खिलाफ आवाज बुलंद करते रहेगी. संगठन के विस्तार के नये सदस्य बनाने और संगठन की मजबूती पर भी चर्चा की गई है. आज की बैठक में अध्यक्ष प्रेमशाही मुंडा, रामदेव मुंडा, राजेंद्र मुंडा, जोनिता तिग्गा, अक्षय कुमार भोक्ता, प्रकाश मुंडा, प्रदीप करमाली, डब्लू मुंडा, सुदाम सिंह मुंडा सहित अन्य उपस्थित थे.

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