
रांची.
मोरहाबादी मैदान में 12 मार्च को होने वाली सरना धर्मकोड महारैली को लेकर विभिन्न आदिवासी संगठनों की बैठक केन्द्रीय सरना संघर्ष समिति उप कार्यालय हेसल समुदाय भवन पिस्का मोड़ रांची में प्रदेश अध्यक्ष शिवा कच्छप की अध्यक्षता में हुई. बैठक में कहा गया कि सरना धर्मकोड की मांग को लेकर आहूत महारैली में बड़ी संख्या में लोग जुटेंगे और महारैली को सफल बनायेंगे.
केन्द्रीय सरना संघर्ष समिति के प्रदेश अध्यक्ष शिवा कच्छप ने कहा कि सरना धर्मकोड हम आदिवासियों की पहचान है. हम अपने पहचान के लिए संघर्ष करते रहेंगे. केन्द्र सरकार जबतक हमें धार्मिक पहचान नहीं देती है, तब तक अपनी आवाज को बुलंद करते रहेंगे.
2024 के संसदीय चुनावों से पहले केंद्र सरकार सरना धर्म कोड नही देती है तो सांसद चुनाव में सरना धर्म कोड नही तो वोट नहीं का संकल्प लिया गया. कहा गया कि रैली में बल दल के साथ शामिल होंगे और अपनी ताकत को दिखायेंगे. 12 मार्च 2023 सरना धर्म कोड महारैली की तैयारी जोर शोर से चल रही है. इसकी तैयारी पूरी हो चुकी है. रैली में पांच लाख सरना धर्मावलंबी अपने पारंपरिक वेशभूषा के साथ शामिल होने की उम्मीद है. इसमें झारखंड सहित पूरे देश से सरना धर्मावलंबी शामिल होंगे.
इस बैठक में मुख्य रूप पूर्व मुखिया संजय तिर्की, सती तिर्की, अनिता उरांव, गुड्डी उरांव, मीणा किस्पोट्टा, कुलदीप उरांव, सुनिल तिर्की, शोभा तिर्की, मीणा गाड़ी, मंगरी उरांव, सिटीओ उरांव, बुधनी उरांव, नीलम उरांव, नुरी तिर्की उपस्थित थे.