
संघ ने कहा-मांगे पूरी होने तक जारी रहेगा आंदोलन
रांची.
पंचायत सचिवालय स्वयं सेवक संघ झारखंड प्रदेश के तत्वावधान में पांच सूत्री मांगों के समर्थन में पूर्व निर्धारित कार्यक्रम के तहत मुख्यमंत्री आवास का घेराव कार्यक्रम आयोजित हुआ। शनिवार को मोरहाबबादी मैदान में हजारों की संख्या में स्वयंसेवक जमा हुए। हालांकि पंचायत स्वयंसेवकों को पुलिस ने मोरहाबादी मैदान से आगे नहीं बढ़ने दिया. हॉकी स्टेडियम के पास बैरिकेडिंग कर दी गई थी जिसके बाद स्वयंसेवक सड़क पर ही धरने पर बैठ गए और सरकार के खिलाफ खूब नारेबाजी की.
इस दौरान संघ के प्रदेश अध्यक्ष चंद्रदीप कुमार ने कहा कि स्वयंसेवक पिछले 8 जुलाई से राजभवन के पास धरना पर बैठे हुए हैं लेकिन ना तो मुख्यमंत्री ने और ना ही पंचायती राज विभाग ने सुध ली है. धरना के पचास दिन पूरे हो चुके हैं जिसके बाद स्वयंसेवकों का सब्र टूट गया है.
पंचायत स्वयंसेवकों ने कहा कि डुमरी उपचुनाव में पंचायत स्वयंसेवकों की उपेक्षा का परिणाम देखने को मिलेगा.
ये हैं संघ की पांच सूत्री मांग
पंचायत सचिवालय स्वयं सेवक संघ के 10 सदस्य प्रतिनिधिमंडल के साथ मुख्यमंत्री के साथ वार्ता हो.
पंचायत सचिवालय स्वयंसेवक को नियमित मानदेय लागू किया जाए.
पंचायत सचिवालय स्वयं सेवक की सेवा नियमित की जाए.
पंचायत सचिवालय स्वयं सेवक को पंचायती राज विभाग में या अन्य किसी भी विभाग में समायोजन किया जाए.
पंचायत सचिवालय स्वयं सेवक का नाम बदलकर पंचायत सहायक किया जाए.
डाल्टेनगंज विधानसभा क्षेत्र के पूर्व विधायक सह पूर्व ग्रामीण विकास मंत्री (कांग्रेस पार्टी) केएन त्रिपाठी उपस्थित हुए उन्होंने कहा कि पंचायत सचिवालय स्वयं सेवक संघ की मांगों का वे समर्थन करते हैं. स्वयं सेवकों की मांगों के लिए गठबंधन की सरकार से साथ निवेदन करूंगा कि इनकी मांगों को जल्द से जल्द पूरा किया जाए क्योंकि यह राजभवन के पास इस बरसात के मौसम में 50 दिनों से अनिश्चितकालीन धरना प्रदर्शन बैठे हुए हैं
इस कार्यक्रम में मुख्य रूप से प्रदेश अध्यक्ष चंद्रदीप कुमार, सचिव युगल किशोर प्रसाद, कोषाध्यक्ष बाल गोविंद महतो ,जिला अध्यक्ष गौतम कुशवाहा ,राजेंद्र, मिथुन, दिलीप, संतोष ,वारिस ,वेद प्रकाश, अजीत, सोहराब ,अनिल, प्रदीप, सूरज, वसीम, सुरेश ,उमेश ,जयप्रकाश, नरेश राम जाने ,गोपाल ,ओम प्रकाश , अब्दुर, शादाब, सतीश, सूर्य मोहन, बलराम एवं हजारों की संख्या में पूरे राज्य के पंचायत सचिवालय स्वयं सेवक शामिल हुए।