
रांची.
छत्तीसगढ़ में सड़कों पर अपनी मांगो को लेकर अर्धनग्न प्रदर्शन की घटना पर भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष बाबूलाल मरांडी ने छत्तीसगढ़ कांग्रेस को घेरा है. वही मणिपुर मैं दो युवतियों को भीड़ द्वारा निर्वस्त्र कर दुर्व्यवहार करने की घटना पर वे चुप्पी साध गए.
झारखंड के आदिवासी संगठनों ने इस पर बाबूलाल मरांडी पर निशाना साधा है. टीएससी के पूर्व सदस्य रतन तिर्की ने कहा है की मणिपुर में हत्या बलात्कार का सिलसिला जारी है और केंद्र व मणिपुर में भाजपा सरकार खामोश है. भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष बाबूलाल मरांडी, केंद्रीय मंत्री अर्जुन मुंडा, सांसद समीर उरांव, सुदर्शन भगत सहित अन्य नेताओं की खामोशी समझ से परे है. यह ख़ामोशी , आदिवासी विरोधी मानसिकता को दर्शाता है. रतन तिर्की ने कहां कि 2008 में भी जब असम में भीड़ के द्वारा एक आदिवासी महिला को निर्वस्त्र कर पीटा गया था तब भी सिर्फ झामुमो ने ही आवाज उठाया था. अन्य दल खामोश थे. रतन तिर्की ने कहा कि मणिपुर में राष्ट्रपति शासन लगना चाहिए.
भाजपा का दोहरा चरित्र : लक्ष्मी नारायण मुंडा
आदिवासी समन्वय समिति के समन्वयक लक्ष्मी नारायण ने कहा कि मणिपुर की घटना पर चुप्पी, भाजपा का दोहरा मापदंड को दर्शाता है. मणिपुर जल रहा है. यदि बाबूलाल मरांडी वाकई दलित आदिवासी समुदाय के चिंतक हैं तो उन्हें मणिपुर प्रकरण पर मुंह खोलना चाहिए. ऐसा ना कर बाबूलाल अपना चेहरा और राजनीति चमकाने में लगे हैं. लक्ष्मी नारायम मुंडा , ने कहा की बाबूलाल मरांडी कि राजनीतिक बयानबाजी को दलित और आदिवासी जनता अच्छी तरह से पहचानती है.