
रांची.
कोईलकारो जनसंगठन ने तपकरा शहीद स्थल में २८ वां संकल्प दिवस मनाया. शहीद स्थल तपकरा में मुंडा समुदाय के लोगों ने आज़ फिर संकल्प लिया कि किसी भी हालत में मुंडा समुदाय एक इंच जमीन भी नहीं छोड़ेगा.
इस अवसर पर पारंपरिक अगुओं की उपस्थिति में संविधान की प्रस्तावना का पाठ पूर्व टीएसी सदस्य रतन तिर्की ने कराया.
कोईलकारो जनसंगठन के अध्यक्ष सोमा मुंडा की अध्यक्षता में संपन्न हुई इस सभा में प्रभाकर तिर्की ने कहा कि हम सभी को मिलकर जमीन बचाने के अभियान को जिंदा रखना चाहिए. उन्होंने कहा कि संविधान की अवहेलना हो रही और आदिवासियों की जमीन दलालों द्वारा लूटी जा रही है. इसके खिलाफ आवाज उठाने की जरूरत है.
रतन तिर्की ने कहा कि कोईलकारो जनसंगठन के आंदोलन में लाखों मुंडाओं के आंदोलन ने 5 जुलाई 1995 को बिहार के तत्कालीन मुख्यमंत्री लालू प्रसाद यादव को NHPC की 710 मेगावाट बिजली पावर प्रोजेक्ट का शिलान्यास करने से रोक दिया था. आज २८ सालों तक हम-सब इस दिन को मुंडा आदिवासी समाज समुदाय की जीत मानते हैं. इसलिए इस संघर्ष को जारी रखना चाहिए. उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार को कोयलकारो जल विद्युत परियोजना को गजट के द्वारा हमेशा के लिए रद्द कर देना चाहिए.
बलराम जी ने इस अवसर पर संविधान की पांचवीं अनुसूची और आदिवासियों के हक़ अधिकार की जानकारी दी.
कोईलकारो जनसंगठन की इस संकल्प सभा में महासचिव विजय गुड़िया, सचिव रेजेन गुड़िया, जंगल बचाओ आंदोलन के अलेस्टेयर बोदरा, मिथलेश जी और अन्य गणमान्य लोग उपस्थित थे.