
रांची.
स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर बिरसा मुण्डा केन्द्रीय कारा, होटवार, राँची में जेल अदालत-सह- विधिक जागरूकता शिविर का आयोजन किया गया। जेल अदालत में छोटे अपराध के कुल – 07 (सात) वादों को माननीय न्यायालय के समक्ष रखा गया, जिसमें 06 (छह) वादों का निष्पादन किया गया।
इस अवसर पर अपने संबोधन में माननीय न्यायालय, मुख्य न्यायिक दण्डाधिकारी, श्री मिथिलेश कुमार सिंह ने कानून की जानकारी दी। वहीं शिविर को सचिव, जिला विधिक सेवा प्राधिकार, राँची श्री राकेश रंजन, माननीय न्यायालय, श्री अक्षय शर्मा, रेलवे न्यायिक दण्डाधिकारी, श्री सौरभ त्रिपाठी एवं शम्भू महतो, न्यायिक दण्डाधिकारी, प्रथम श्रेणी, राँची ने भी संबोधित किया।
जागरूकता शिविर में उपस्थित कारा अधीक्षक हामिद अख्तर ने कहा कि किसी भी बंदी को कोई परेशानी है तो वे उनसे सम्पर्क कर सकते है। उन्होंने कहा कि सरकारी अधिवक्ता या कारा में कोई परेशानी हो तो उनका शीघ्र समाधान किया जायेगा।

राष्ट्रीय लोक अदालत 09 सितम्बर को, बैठक में तैयारियों की समीक्षा
झालसा के निर्देश पर माननीय न्यायायुक्त-सह-अध्यक्ष के मार्गदर्शन पर राष्ट्रीय लोक अदालत का आयोजन 09 सितम्बर को व्यवहार न्यायालय, रांची में होना सुनिश्चित हुआ है। लोक अदालत की प्री-काउंसेलिंग बैठक जारी हैं, जो 08 सितम्बर तक चलेगा। इस संबंध में डालसा की तैयारी जोरों पर हैं।
इस मामले को लेकर डालसा हॉल में मुख्य न्यायिक दण्डाधिकारी व डालसा सचिव की अध्यक्षता में पुलिस प्रशासन के पदाधिकारियों के साथ बैठक की गई, जिसमें मुख्य न्यायिक दण्डाधिकारी, मिथलेश कुमार सिंह, डालसा सचिव, राकेश रंजन, डीएसपी प्रवीण कुमार एवं पुलिस प्रशासन के अधिकारी तथा पदाधिकारी उपस्थित थे।
बैठक में मुख्य न्यायिक दण्डाधिकारी ने अधिक से अधिक नोटिस का तामिला कराने के लिए दिशा-निर्देश दिये, जिससे कि आगामी लोक अदालत में अधिक से अधिक वादों का निस्तारण किया जा सके।
डालसा सचिव ने कहा न्यायालय में कोई भी वाद लंबित हैं, तो राष्ट्रीय लोक अदालत के दिन वादकारी अपने वादों का निबटरा करा सकते हैं, जिससे समय व धन की बचत होगी। राष्ट्रीय लोक अदालत में सभी आपराधिक सुलहनीय मामले, दीवानी से संबंधित मामले, श्रम से संबंधित वाद, वैवाहिक वाद, पारिवारिक वाद, उत्पाद से संबंधित मामले, चेक बाउंस के मामले, वन विभाग के मामले, बिजली से संबंधित मामले, ट्रैफिक चालान से संबंधित मामले साथ ही साथ भूमि अधिग्रहण, मोटरयान, माप-तौल से संबंधित वाद एवं विवाह से संबंधित मामलों को चिन्हित करके पक्षकारों को नोटिस भेजा जा रहा है।