स्वतंत्रता दिवस पर रांची कैथोलिक चर्च ने 900 गरीब बच्चों को शैक्षणिक किट का वितरण किया

रांची.
लापुंग के गढालोधमा और कुरकुरिया जंगलों में बसे दो गांवों के स्कूलों के बच्चों के बीच रांची कैथोलिक चर्च की ओर से शैक्षणिक किट का विरतण किया गया. किट में स्कूल बैग, पेंसिल, इरेजर, शार्पनर, रंगीन पेंसिल, पेंसिल बॉक्स और ज्योमेट्री बॉक्स शामिल थे। सेंट पॉल द एपोसल स्कूल, गढ़ालोधमा में 487 बच्चे और सेंट ल्यूक द इवेंजेलिस्ट स्कूल, कुरकुरिया में 382 बच्चों के बीच यह सामग्री वितरित किया।

कार्यक्रम में मुख्य रूप से आर्चबिशप फेलिक्स टोप्पो और बिशप थियोडोर मास्करेहंस उपस्थित थे जबकि समारोह में मांडर की विधायक शिल्पी नेहा तिर्की मुख्य अतिथि थीं। छात्रों को अपने संदेश में उन्होंने उन्हें कड़ी मेहनत करने और जीवन में कुछ बनने के लिए प्रोत्साहित किया। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि हम सुदूर क्षेत्र में निवास करने के बावजूद जो चाहें बन सकते हैं, बशर्ते हमारे पास ऐसा करने की इच्छाशक्ति हो। आर्चबिशप फेलिक्स ने बच्चों को याद दिलाया कि उनमें क्षमता है और उन्हें आदर्श नागरिक बनने के लिए काम करना चाहिए। बिशप थियोडोर ने बच्चों को समझाया कि हम सभी भाई-बहन हैं और हमें कभी भी जाति, पंथ या धर्म के आधार पर खुद को विभाजित नहीं करना चाहिए। समारोह का समापन राष्ट्रगान के गायन के साथ हुआ।
गौरतलब है कि रांची से इन गांवों की दूरी 60 किलोमीटर है। कई दशकों से इन गांवों के आसपास के जंगल में माओवादियों की उपस्थिति रही है लोग गरीब बने हुए हैं और क्षेत्र पिछड़ा हुआ है।
दोनों गांवों में अक्सर जंगली जानवरों के हमले होते रहते हैं। इस साल 13 अगस्त को 6 लोगों पर जंगली भालू ने हमला किया था । हालांकि, कैथोलिक चर्च के फादर और सिस्टर वर्षों से इस क्षेत्र में प्रेम और समर्पण के साथ क्षेत्र में सेवा कार्यों में लगे हैं. कार्यक्रम में फादर आशित टोप्पो एवं फादर बिनय केरकेट्टा फादर आसीम मिंज, फादर सुशील बेक, फादर वाल्टर किस्पोट्टा के अलावा स्कूल के दो प्राचार्य फादर शिशिर सुरीन एवं फादर राजेंद्र खाखा सहित विद्यालय की सिस्टर्स एवं शिक्षकगण भी उपस्थित थे। भारत माता की जय के उद्घोष के साथ समारोह का समापन हुआ ।