6 बीमारी से निपटने को लक्ष्य पूरा नहीं किया तो अधिकारी पर कार्रवाई

राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन झारखंड अंतर्गत वेक्टर जनित रोग नियंत्रण कार्यक्रम के सुचारू क्रियान्वयन हेतु एंटोंमोलॉजी और वेक्टर कंट्रोल से संबंधित दो दिवसीय प्रशिक्षण का आयोजन किया गया। दो दिवसीय प्रशिक्षण डॉ अनिल कुमार राज्य कार्यक्रम पदाधिकारी भीबीडी की अध्यक्षता में किया गया। जिसमें प्रतिभागी के रूप में सभी जिला भीबीडी सलाहकार, जिला मलेरिया निरीक्षक तथा किट कलेक्टर ने भाग लिया। डॉ अनिल कुमार ने कहा कि मलेरिया, कालाजार, फाइलेरिया, जापानी इंसेफेलाइटिस, डेंगू तथा चिकुनगुनिया आती है। इन 6 बीमारियों की कार्य योजना बनाकर ससमय कार्य करते हुए लक्ष्य को प्राप्त करना है। लक्ष्य प्राप्त नहीं करने वाले जिलों पर प्रशासनिक व अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी।

15 वर्ष से कम के बच्चों का टीकाकरण

उन्होंने कहा कि कार्यों की ऐसी गति बनानी है जिससे मलेरिया सार्वजनिक स्वास्थ्य समस्या ना रहे। उन्होंने कालाजार मामलों के शीघ्र पहचान, उपचार करने तथा लोगों को इस संबंध में जागरूकता लाने का निर्देश दिया। जापानी इंसेफेलाइटिस हेतु मेडिकल नर्सिंग स्टाफ के प्रशिक्षण के माध्यम से त्वरित निदान तथा शीघ्र मामलों के प्रबंधन को मजबूत करने पर जोर दिया। वेक्टर नियंत्रण हेतु फागिंग, पशुओं के शेड में छिड़काव, एंटी लारवा ऑपरेशन करना सुनिश्चित करेंगे। उच्च जोखिम वाले लोगों विशेषकर 15 वर्ष से कम उम्र के बच्चों के लिए टीकाकरण कराया जाना है।

15 दिन खिलाएंगे फाइलेरिया की दवा

डॉ अनिल ने कहा कि MDA के दौरान 10 फरवरी से 25 फरवरी 2023 तक फाइलेरिया रोधी दवा की एकल खुराक अपने जिलों में लक्षित जन समुदाय को अवश्य खिलाए। एंटोमोलॉजिकल पैरामीटर, जूनोटिक डिजीज, ऑपरेशनल गाइडलाइंस, मोस्क्यूटो मोरफ़ोलॉजी, लारवा डेमोंसट्रेशन के बारे में प्रशिक्षण दिया गया।

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