
राजभवन के पास झारखंड अनुबंधित पारा चिकित्साकर्मी संघ एवं एएनएम, जीएनएम संघ के संयुक्त बैनर तले स्वास्थ्य विभाग के हजारों अनुबंध कर्मी 17 जनवरी से हड़ताल पर है। अनिश्चितकालीन हड़ताल पर बैठे इन कर्मियों में रेडियोलॉजी टेक्निशियन, लैब टेक्निशियन, नर्स शामिल है। सभी ने एक स्वर में कहा कि जब कोरोना अपने पीक पर था तब हमलोगों ने अपनी जान की परवाह किए बिना ही मरीजों की सेवा की। कई लोग कोरोना से संक्रमित भी हुए। कई लोगों की जान भी चली गई। इसके बावजूद हमलोगों ने हिम्मत नहीं हारी और अपना काम जारी रखा। इसके लिए हम स्वास्थ्य कर्मियों पर फूल बरसाए गए, तालियां भी बजाई गई। लेकिन जब हम स्थाई करने की मांग कर रहे है तो कोई झांकने तक नहीं आया।
स्थाई होने तक जारी रहेगा आंदोलन
इससे पहले सोमवार 16 जनवरी को फार्मासिस्ट, एक्सरे टेक्नीशियन, एएनएम, जीएनएम, लैब टेक्नीशियन ने मुख्यमंत्री आवास का घेराव करने की कोशिश की थी. लेकिन पुलिसकर्मियों ने उन्हें आवास तक पहुंचने से रोक दिया था। कर्मियों का कहना है कि वर्तमान सरकार ने हमें केवल आश्वासन दिया। जब भी वे लोग हड़ताल पर गए तो स्थाई करने का आश्वासन मिला। आश्वासन के बाद हमलोगों ने हड़ताल खत्म कर दी। लेकिन इसबार लड़ाई आर-पार की होगी। सरकार हमें स्थाई करें, नहीं तो हम अपना आंदोलन जारी रखेंगे।