
झारखंड अनुबंधित पारा चिकित्साकर्मी संघ एवं एएनएम, जी एन एम संघ के संयुक्त बैनर तले स्वास्थ्य विभाग के 8 हजार अनुबंध कर्मी मंगलवार को अनिश्चितकालीन हड़ताल पर चले गए. जिससे कि सरकारी हॉस्पिटलों में एक्सरे, लैब के काम, वैक्सिनेशन प्रभावित हो गया. सबसे ज्यादा असर डिस्ट्रिक्ट सदर हॉस्पिटल, पीएचसी, सीएचसी में देखने को मिला. इन हॉस्पिटलों में लोग काम कराने के लिए परेशान दिखे. वैक्सीनेशन के लिए बच्चों और डिलीवरी के लिए लाई गई महिलाओं को परेशानी झेलनी पड़ी.
कल किया था मुख्यमंत्री का घेराव
इससे पहले सोमवार 16 जनवरी को फार्मासिस्ट, एक्सरे टेक्नीशियन, एएनएम, जीएनएम, लैब टेक्नीशियन ने मुख्यमंत्री आवास का घेराव करने की कोशिश की थी. लेकिन पुलिसकर्मियों ने उन्हें पहुंचने से रोक दिया था. कर्मियों का कहना है कि वर्तमान सरकार ने तीन महीने में अनुबंध कर्मियों के समायोजन का वादा किया था. लेकिन तीन साल बीत जाने के बाद भी सरकार की ओर से कोई पहल नहीं की गई है.
आश्वासन से नहीं चलेगा काम
अनुबंध कर्मी अनिश्चितकालीन हड़ताल पर चले जाने के बाद कर्मियों का कहना है कि मरीजों को होने वाली परेशानी के लिए सरकार पूरी तरह से जिम्मेवार है. साथ ही उन्होंने कहा कि इस बार लड़ाई आर-पार की होगी, आश्वासन से काम नहीं चलेगा. जब तक हमें लिखित में आश्वासन नहीं मिलता तब तक हम अपना आंदोलन जारी रखेंगे.
संघ ने कहा कि पारा मेडिकल नियमावली 2018 में आंशिक संशोधन करते हुए स्वास्थ्य विभाग के सभी पारा मेडिकल कर्मियों को वर्ष 2014 की तरह विभागीय समायोजन की प्रक्रिया अविलंब आरंभ करने की जरूरत है. मांग पूरी नहीं होती है तो 24 से आमरण अनशन करने का निर्णय भी लिया गया है.