प्रवीण मुंडा
RANCHI :
निशाने राजनीतिक तर्को को हासिल करने के लिए तय किए जाते हैं. बालाकोट स्ट्राइक को सफलतापूर्वक अंजाम दे भारत ने पाकिस्तान को साफ संदेश दे दिया था कि अगर आतंकवाद को समर्थन देने और भारत को लहूलुहान करने की कार्रवाई जारी रहेगी तो भारत जवाबी कार्रवाई करेगा. यह हमला भारतीय वायुसेना की उच्च कोटी की रणनीतिक कुशलता के लिए और पाकिस्तानी एयर डिफेंस की सबसे बड़ी विफलता के रूप में याद किया जाता रहेगा.

आज 26 फरवरी है. भारतीय वायुसेना के शौर्य के इतिहास में एक गौरवशाली दिन. आज पीओके बालाकोट में एयरस्ट्राइक के चार साल पूरे हो गए हैं. जब बालाकोट की पहाड़ियों में वायुसेना के मिराज 2000 जेट्स ने 1000 किलो के बम गिराये तो जैश ए मोहम्मद के संचालित लांच पैड्स पूरी तरह बर्बाद हो गये थे. इस हमले से पाकिस्तानी सेना हतप्रभ रह गई थी. क्योंकि जबतक उसे पता चलता कि हुआ क्या था भारतीय फाइटर जेट्स अपने एयरबेस पर सुरक्षित पहुंच चुके थे.
महज 12 दिनों में पुलवामा का बदला हुआ पूरा
14 फरवरी 2019 को जम्मू कश्मीर के पुलवामा में सीआरपीएफ के वाहन को पाकिस्तान समर्थित आतंकवादियों ने उड़ा दिया था. इस हमले में 46 जवानों ने शहादत दी थी. इस घटना के बाद पूरे देश में क्षोभ और गुस्से की लहर दौड़ गई थी. प्रधानमंत्री मोदी ने फिर भारतीय सेना को छूट दी कि वह इस घटना को अंजाम देनेवालों को अंजाम तक पहुंचाए चाहे वे जहां भी हो.
भारतीय सुरक्षा एजेंसियों ने यह पता लगा लिया था कि हमले के पीछे पाकिस्तान समर्थित आतंकी गुट जैश ए मोहम्मद का हाथ हैं. इसके बाद पीओके के बालाकोट स्थित जैश ए मोहम्मद के ठिकाने पर हमला करने की तैयारी शुरू हो गई.

इस पूरे मिशन की सफलता सटीक रणनीति और गोपनीयता पर निर्भर थी. सिर्फ गिने चुने लोगों को ही पता था कि क्या होनेवाला है. 26 फरवरी तड़के करीब तीन बजे ग्वालियर एयरबेस से 12 की संख्या में मिराज 2000 फाइटर जेट्स ने उड़ान भरी. इससे पहले एयरफोर्स के कुछ और विमानों ने जो दूसरे एयरबेस से उड़े थे ऐसी फॉरमेशन में उड़ान भरी कि पाकिस्तानी रडारों और एयर डिफेंस सिस्टम का ध्यान भटका दिया.
मिराज 2000 डीप स्ट्राइक करनेवाला विमान माना जाता है. और महज चंद मिनटों में मिराज पीओके में घुस गए और जब आंतकी अपने शिविरों में गहरी नींदों में सो रहे थे तब मिराज विमानों ने सटीक हमला किया. जब मिराज वापस मुड़े तबतक बालाकोट का वह आतंकी ठिकाना शोलों के हवाले था. जबतक पाकिस्तानियों को कुछ पता चलता सभी मिराज जेट्स अपने एयरबेस पर सुरक्षित पहुंच चुके थे.