
RANCHI :
आदिवासियों की धार्मिक सामाजिक और निजी भुंईहरी /रैयती जमीन की लूट आज भी बदस्तूर जारी है आदिवासियों की जमीन की लूट के खेल में राज्य के आला अधिकारियों से लेकर राजस्व विभाग के अधिकारी कर्मचारी, जमीन माफिया अपराधी तत्वों और कुछेक छोटे – बड़े राजनेता भी लगे हैं. उक्त बातें रविवार 7 मई को आदिवासी समन्वय समिति के प्रतिनिधियों ने संवाददाता सम्मेलन में कही. संवाददाता सम्मेलन को समिति के लक्ष्मीनारायण मुंडा, प्रेमशाही मुंडा, अजय तिर्की सहित अन्य ने संबोधित किया.
प्रतिनिधियों ने कहा : आज आदिवासी जमीन की लूट, हेराफेरी, जालसाजी,पंजी 2 में छेड़छाड़ और जमीन माफिया तत्वों की जबरन लूट, कब्जा, दखल इत्यादि सवाल पर चुप्पी साधे हुए हैं. वही दूसरी ओर राज्य के पूर्व मुख्यमंत्री बाबूलाल मरांडी भी आदिवासी खतियान की जमीन की लूट, फर्जीवाड़ा जालसाजी करने वाले जमीन लूटेरे माफिया तत्वों के पक्ष में खड़े होकर बयानबाज़ी कर रहें हैं. वे अपनी राजनीति चमकाने के लिए सरकार की घेराबंदी कर रहे हैं.
प्रतिनिधियों ने कहा कि मौजा – हुसिर ,अंचल कांके जिला रांची थाना नंबर 157 खाता संख्या 57 जो आदिवासी खाते की है को फर्जीवाड़ा, जालसाजी करके जमीन माफिया तत्वों ने अमल कुमार सिंह, पल्लवी देवी, अमित नारंग , प्रतिमा झा आदि लोगों को बेच दिया है. इन्ही में एक अमल कुमार सिंह का इडी दफ्तर के बाहर दिये गए बयान को आधार बनाकर बयानबाजी कर रहें हैं.
यानी बाबूलाल मरांडी जी आदिवासी जमीन लूटने हड़पने वाले माफिया तत्वों के पक्ष मे खड़े होकर अपनी अज्ञानता ही प्रदर्शित कर रहे हैं. बाबूलाल मरांडी जी को जानना चाहिए कि उपरोक्त जमीन को बचाने के लिए फूलों उरांव और उसका परिवार पिछ्ले कई वर्षों से लड़ाई लड़ रहा है. इसको लेकर सभी वरिष्ठ अधिकारियों सहित मुख्यमंत्री को ज्ञापन दिया है. इसको लेकर कोर्ट में मुकदमा भी किया गया है.
डेढ़-दो वर्ष पहले इसको लेकर फूलो उरांव और उसके परिवार का न्यूज भी वायरल हुआ है. बाबूलाल मरांडी जी को यह नजर नही आया और वे जमीन लूटेरे माफिया तत्वों के पक्ष में खड़े होकर बयानबाजी करते हैं. इसी तरह आदिवासी जमीन की लूट खसोट को लेकर रांची में बड़े स्तर की बैठक इस माह के अंत में आयोजित किया जाएगा. आज के संवाददाता सम्मेलन में आदिवासी समन्वय समिति के फूलो उरांव सहित परिवार के अन्य सदस्य शामिल उपस्थित थें.