संत पॉल्‍स परिवार ने अपने संरक्षक के आदर्शों को आगे बढ़ाने का लिया संकल्‍प

RANCHI :

संयम, धैर्य, साहस, कर्तव्‍यनिष्‍ठा, आज्ञाकारिता, विश्‍वास, लक्ष्‍य की प्राप्ति और ईश्‍वरीय समर्पण जैसे आदर्शों को आगे बढ़ाने के संकल्‍प के साथ बुधवार को संत पॉल्‍स दिवस हर्षोल्‍लास के साथ मनाया गया. इस अवसर पर संत पॉल्‍स महोपासनालय में सुबह साढ़े छह बजे प्रभु भोज आराधना का आयोजन हुआ. इसमें संत पॉल्‍स चर्च और संत पॉल नामित सभी शिक्षण संस्‍थाओं ने अपने संरक्षक संत को स्‍मरण किया और उनके कार्य और आदर्शों को दूसरों के बीच बढ़ाने के लिए ईश्‍वरीय आशीष और अगुवाई मांगी.

संत पॉल्‍स परिवार ने अपने संरक्षक के आदर्शों को आगे बढ़ाने का लिया संकल्‍प

ईश्‍वर का मार्गदर्शन आगे आने के लिए प्रेरित करते हैं

इस अवसर पर उपदेशक रेव्‍ह सैमुएल भुईंया ने अपने संदेश में संत पॉल के हृदय परिवर्तन की चर्चा करते हुए कहा कि ईश्‍वर जब किसी को अपने कार्य के लिए बुलाते हैं, तो व्‍यक्ति का ज्ञान, उसकी क्षमता और बुद्धिमता  ईश्‍वर की योजना के सामने मायने नहीं रखते बल्कि ईश्‍वर की इच्‍छा और उसके मार्गदर्शन हमें आगे बढ़ने के लिए प्रेरित करते हैं.

शाउल ने खुद को यीशु को सौंपा, संत पॉल्स के नाम से जाने गए

 उन्होंने कहा कि संत पॉल पूर्व में शाउल के नाम से जाने जाते थें  जो यहूदी विद्वान और कानून के ज्ञाता थे. उसने यहूदी व्‍यवस्‍था के अनुसार लोगों को सताने और दंड देने के लिए बड़े उत्‍साह से कार्य किया, लेकिन यीशु से मुलाकात के बाद उसने अपनी ज्ञान और ताकत को तुच्‍छ जानते हुए अपना जीवन यीशु का सौंप दिया.  इस परिवर्तन के बाद उसने विभिन्‍न कलीसिया के लोगों को तेरह अलग– अलग पत्रों के माध्‍यम से मसीही प्रेम और आज्ञाकारिता के लिए एक सूत्र में बांधने का काम किया.

 पेरिश प्रीस्‍ट रेव्‍ह डेविड ने इस दौरान आराधना विधि का संचालन किया. दो दिवसीय इस आराधना सह प्रार्थना विधि कार्यक्रम में रेव्‍ह जोलजस कुजूर, रेव्‍ह अनिल डाहंगा, रेव्‍ह शामुएल भुईंया, रेव्‍ह प्रताप कुजूर, रेव्‍ह ग्‍लोरिया डाहंगा, डॉ अनुज कुमार तिग्‍गा, रेव्‍ह पीटर बारला, निकोदिम मरांडी, श्रीमति लूसी तेरोम, समीर केकेटटा, हेलन बारजो सहित अन्‍य मौजूद थे. 

शोभायात्रा निकाली गई

आराधना विधि के शोभायात्रा निकाली गई. यह यात्रा सर्वप्रथम संत पॉल्‍स हाई स्‍कूल से निकल कर संत पॉल्‍स मास्‍टर्स लाईन, संत पॉल्‍स प्राथमिक व मध्‍य विद्यालय से होते हुए संत पॉल्‍स कॉलेज और फिर संत पॉल्‍स कैथेड्रल में जाकर संपन्‍न हुई. इसमें अलग– अलग पाठवचन और प्रार्थना का आयोजन किया गया. पाठवचन के लिए सोनिया शबनम बाड़ा, मनिषा टोपनो, प्रो. आकाश रेवन और निकोदिम मरांड़ी ने सहयोग किया. 

शोभायात्रा की अगुवाई पेरिश प्रीस्‍ट रेव्‍ह डेविड के साथ चर्च के सभी पुरोहित गण ने की. इसमें शिक्षण संस्‍थानों के छात्र- छात्राएं, शिक्षक और कर्मचारी गण सहित चर्च के अधिकारी गण प्रार्थना और धार्मिक गीत गाते शामिल हुए.

संत पॉल्‍स कॉलेज में हुआ सांस्कृतिक कार्यक्रम

संत पॉल्‍स दिवस के मौके पर संत पॉल्‍स कॉलेज परिसर में सांस्कृतिक कार्यक्रम भी आयोजित किए गए. इसमें म्‍यूजिकल चेयर और कई अन्‍य खेलों में कॉलेज के शिक्षकगण और कर्मचारीगण ने बड़े उत्‍साह और आनंद से भाग लिया.

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