खतियानी जोहार यात्रा : मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन का राजनीतिक मास्टरस्ट्रोक

RANCHI :

अपने विरूद्ध बह रही हवा का सामना मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने जिस तरह से किया है वह उनकी राजनीतिक परिपक्वता को दर्शाता है. ऐसा लगता है उन्होंने जमीन पर अपने पैर मजबूती से जमा रखे हैं और विपक्ष के लगातार हमलों का जवाब उन्होंने राज्य में जनसंवाद और जनसंपर्क अभियानों से दिया है. इसी कड़ी में अब वे एक सप्ताह के खतियानी जोहार यात्रा पर हैं.

खतियानी जोहार यात्रा : मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन का राजनीतिक मास्टरस्ट्रोक

इस यात्रा की शुरूआत उन्होंने 8 दिसंबर को गढ़वा से किया है. इस यात्रा के दौरान मुख्यमंत्री संबंधित जिलों में चल रही विभिन्न परियोजनाओं, लोक कल्याणकारी  योजनाओं को लेकर समीक्षा बैठक कर रहे हैं और अधिकारियों को परियोजनाओं में गति लाने के लिए निर्देश भी दे रहे हैं. नौ दिसंबर को मुख्यमंत्री पलामू में थे.

एक सप्ताह के खतियानी जोहार यात्रा में छह जिलों को साधेंगे

खतियानी जोहार यात्रा 12 को गुमला में, 13 को लोहरदगा में, 15 को गोड्डा में और 16 को देवघर में में संपन्न होगी.

अधिकारियों के साथ बैठक के साथ साथ वे जनसंवाद भी कर रहे हैं और जनसभाओं में जनता से रूबरू हो रहे हैं. वे सर्वजन पेंशन, किशोरी समृद्धि, रोजगार सृजन योजना, आदि के लाभुकों से मिल रहे हैं. और लोगों की समस्याओं और सुझावों को लेकर अधिकारियों को निर्देश दे रहे हैं.  

इस यात्रा के दौरान मुख्यमंत्री ने वंचित समाज, पिछड़ा वर्ग से लेकर सामान्य वर्ग को भी साधने की कोशिश की है.

यात्रा की शुरूआत में गढ़वा में उन्होंने मां गढ़देवी से आशीर्वाद लिया वहीं, अंग्रेजों से लोहा लेनेवाले अमर शहीद वीर नीलांबर-पीतांबर को भी याद किया.

विपक्ष पर किया प्रहार-कहा झारखंडियों का सुख ही विपक्ष की परेशानी है

इस दौरान उन्होंने विपक्ष पर तीखे प्रहार भी किए और कहा कि लगभग तीन साल में आपकी सरकार ने लाखों गरीब, रंचित और जरूरतमंदों को विभिन्न लोककल्याणकारी योजनाओं से जोड़ा जबकि पूर्व की सरकार 20 साल में भी लोगों को उनका हक अधिकार नहीं दिला पाई.

मुख्यमंत्री ने कहा कि हम लोगो को उनका अधिकार दे रहे हैं यहीं विपक्ष की परेशानी है. वे झारखंडवासियों का सुख नहीं देख सकतें.