
सुबोधकांत सहाय ने कहा-एचईसी के प्रांगण से यह संघर्ष की शुरूआत है
रांची.
एचईसी बचाने के को लेकर इंडिया गठबंधन के बैनर तले गुरुवार को राजभवन के समझ एक दिवसीय धरना का आयोजन किया गया. इस अवसर पर इंडिया के घटक दल के प्रतिनिधि शामिल हुए. धरना के दौरान जहां एचईसी को बचाने का संकल्प लिया गया वहीं 2024 की तैयारी का भी आह्वान हुआ.
मौके पर पूर्व केंद्रीय मंत्री सुबोधकांत सहाय ने कहा की एचईसी के प्रांगण से जो लड़ाई शुरू हो रही है वह पूरे देश की लड़ाई है. उन्होंने कहा की यह दुर्भाग्य की बात है कि देश के लिए चंद्रयान के लॉन्चिंग पैड और बड़ी-बड़ी मशीनरी को बनाने वाले मदर इंडस्ट्री एचईसी के कर्मियों एवं पदाधिकारियों को 18 महीने से वेतन नहीं मिला है. मोदी सरकार एचईसी सहित देश के सार्वजनिक संस्थानों को निजी हाथों में बेचने की कोशिश कर रही है. पर हमलोग एचईसी को बेचने नहीं देंगे. यह लड़ाई एचईसी के साथ देश को भी बचाने की है. इसलिए 2024 के लिए भी हम तैयार रहें.
कांग्रेस नेता अजयनाथ शाहदेव ने कहा कि एचईसी मदर इंडस्ट्री है यह मोदी को कभी समझ में नही आयेगा. हमलोग एचईसी बचाने के लिए किसी भी हद तक जायेंगे.
राजद के धर्मेंद्र ने कहा कि केंद्र सरकार लगाता सार्वजनिक संस्थानों को बेचने का काम कर रही है.
झामुमो के हेमलाल ने कहा कि केंद्र सरकार जुल्म कर रही है पर हमलोग इसे नहीं सहेंगे.
नाम दल से जुड़े शुभेंदु सेन ने कहा कि 2024 के चुनाव को लेकर मोदी सरकार दबाव में है और इसलिए हमलोगों की लड़ाई के लिए यह सबसे उपयुक्त समय है.
एचईसी के विभिन्न यूनियनों से जुड़े श्रमिक संगठनों के नेताओं हरेंद्र, रामकुमार नायक, प्रेमकुमार साहू ने भी संबोधित किया. श्रमिक नेताओं ने कहा कि 18 महीने से वेतन नहीं मिलने के बाद भी काम पर जाते हैं इस उम्मीद में कि एक दिन हालात सुधरेंगे. मोदी सरकार ने पहले रेल, भेल को बेचा अब एचईसी कि बारी है. वकताओं ने कहा कि मंदिर मसजिद कर देश नहीं चल सकता है.