वन नेशन वन इलेक्शन के बहाने पूरे देश को दिग्भ्रमित कर रही है भाजपा : बंधु तिर्की

वन नेशन वन इलेक्शन के बहाने पूरे देश को दिग्भ्रमित कर रही है भाजपा : बंधु तिर्की

रांची.

पूर्व मंत्री और कांग्रेस नेता बंधु तिर्की ने केंद्र सरकार की वन नेशन वन इलेक्शन नीति की आलोचना की है.

 बंधु तिर्की ने कहा है कि वन नेशन वन इलेक्शन की बात तो बहुत दूर की बात है. वर्तमान केन्द्र सरकार की किसी भी घोषणा या कदम की पृष्ठभूमि का एकमात्र उद्देश्य विभाजनकारी ही होता है. श्री तिर्की ने कहा कि जिस प्रकार से विपक्षी इंडिया गठबंधन एकजुट हुआ है और उसने मुंबई में आयोजित अपनी बैठक में जो निर्णय लिए हैं उससे भारतीय जनता पार्टी गई हैं. उन्होंने कहा कि इसी के परिणामस्वरुप उन्होंने 31 अगस्त को पूर्व राष्ट्रपति श्री रामनाथ कोविंद की अध्यक्षता में वन नेशन वन इलेक्शन पर विचार करने के लिये समिति का गठन किया है.

बंधु ने कहा कि देश का प्रत्येक जागरूक और समझदार व्यक्ति इस बात को अच्छी तरीके से जानता है कि आगामी 18 से 22 सितंबर तक होनेवाले संसद के विशेष अधिवेशन में वन नेशन वन इलेक्शन से संबंधित प्रस्ताव को लाना और उसे पारित करवाना असंभव है क्योंकि इतनी जल्दी समस्त वैधानिक औपचारिकताओं और आवश्यक संविधान संशोधन प्रक्रियाओं को पूरा नहीं किया जा सकता. उन्होंने कहा कि इसके बाद भी श्री कोविंद के अध्यक्षता में गठित समिति की खबर को 31 अगस्त और 1 सितम्बर को बढ़ा-चढ़ाकर मीडिया में दिखाने और बताने का एकमात्र उद्देश्य मुंबई से आ रही इंडिया गठबंधन की खबरों की ओर से देश का ध्यान हटाना व भटकाना था.

श्री तिर्की ने केन्द्र सरकार की कड़ी आलोचना करते हुए कहा कि पिछले 9-10 साल में देश का राजनीतिक एवं सामाजिक वातावरण विषाक्त हुआ है और अब वैसी परिस्थितियाँ तैयार हो गयी है जबकि सभी राजनीतिक दल एक-दूसरे को राजनीतिक प्रतिद्वंदी की बजाय दुश्मन के रूप में देख रहे हैं जो देश के लोकतंत्र के लिए घातक है. उन्होंने कहा कि दूसरी ओर सामाजिक स्तर पर कटुता और वैमनस्यता बढ़ी है और धर्म-जाति के आधार पर जिस प्रकार से आपसी संघर्ष बढ़ा है उसे मणिपुर, हरियाणा के नूह के साथ ही देश के अलग-अलग हिस्सों में आसानी से देखा जा सकता है. बंधु तिर्की ने कहा कि भारत की सबसे बड़ी खासियत यहाँ का जीवंत लोकतंत्र है.

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