रांची.

आजसू पार्टी के तत्वावधान में 13 अप्रैल को राज्यस्तरीय न्याय मार्च निकाला गया. रांची में आयोजित मार्च में केंद्रीय अध्यक्ष सुदेश कुमार महतो शामिल हुए इस दौरान उन्होंने कहा कि वर्तमान सरकार झारखंड को सामाजिक और राजनीतिक रूप से कमजोर एवं आर्थिक रूप से खोखला बना रही है. इसलिए सरकार के खिलाफ आर-पार की लड़ाई का समय है. इसी मकसद से आजसू ने राज्यव्यापी सामाजिक न्याय मार्च निकाली है.
उन्होंने कहा कि सरकार जनता के बीच अपना विश्वास खो चुकी है. सवा तीन साल में इस सरकार ने कायदे से एक भी वादे पूरे नहीं किए. सुदेश महतो ने कहा, हमने 1932 खतियान आधारित/अंतिम सर्वे पर स्थानीय व नियोजन नीति की मांग की पर सरकार ने 2023 की स्थानीय नीति थोप दी. उन्होंने कहा कि जब हेमंत सरकार आयी थी उस समय उन्होंने एक झारखंड की वित्तीय स्थिति पर एक श्वेत-पत्र जारी किया था. अब सरकार के तीन साल पूरे होने पर वर्तमान वित्तीय स्थिति पर श्वेत-पत्र जारी करें.
पूर्व निर्धारित कार्यक्रम के तहत आज राज्य के सभी जिला मुख्यालयों में आजसू पार्टी के नेताओं, कार्यकर्ताओं ,समर्थकों ने सात सूत्री मांगों को लेकर यह मार्च निकाला और समाहरणालय के सामने विरोध प्रदर्शन किया. उपायुक्तों को मांग पत्र भी सौंपा. झारखंड की राजधानी रांची में मोराबादी स्थित बापू वाटिका से यह मार्च निकाली गई, जिसमें झंडे-बैनर के साथ हजारों कार्यकर्ताओं ने शिरकत की.
जिन सात मांगों को लेकर पूरे राज्य में निकली सामाजिक न्याय मार्च
खतियान आधारित स्थानीय एवं नियोजन नीति लागू हो.
जातीय जनगणना एवं पिछड़ों को आबादी अनुसार आरक्षण सुनिश्चित हो.
पूर्व में जो जातियां अनुसूचित जनजाति की सूची में थी, उन्हें पुनः अनुसूचित जनजाति में शामिल किया जाए.
सरना धर्म कोड लागू किया जाए.
बेरोजगारों को रोज़गार मिले.
झारखण्ड के संसाधनों की लूट बंद हो.
झारखण्ड आंदोलनकारियों को सम्मान मिले.
न्याय मार्च में मुख्य रूप् से केंद्रीय प्रवक्ता डॉ देवशरण भगत, उपाध्यक्ष हसन अंसारी, केंद्रीय महासचिव राजेंद्र मेहता, जिला परिषद अध्यक्ष निर्मला भगत, उपाध्यक्ष बीणा चौधरी, हटिया विधानसभा प्रभारी भरत काशी, खिजरी विधानसभा प्रभारी, प्रकाश लकड़ा, राजेंद्र शाही मुण्डा, पार्वती देवी, सरिता देवी, विजय मानकी, रामदुर्लभ सिंह मुण्डा, सुकरा सिंह मुण्डा, संजय सिद्धार्थ, संजय महतो, गौतम साहू, बनमाली मंडल, पारस उरांव, हकिम अंसारी, विरंद्र तिवारी, किशोर महतो, रामजीत गंझू, मुजिबुल अंसारी, ज्ञान सिन्हा, वीणा देवी, सीमा सिंह, हरिश सिंह, आशुतोष गोश्वामी, सुनिल यादव, रमेश गुप्ता, ओम वर्मा, नितीश सिंह, नीरज वर्मा, प्रभा देवी, कमलू, फुलकुमारी देवी, दिगम्बर महतो, सूरज मिश्रा, नईम अंसारी सहित हजारों की संख्या में नेता-कार्यकर्ता शामिल हुए.