कुष्ठ मरीजों को ढूंढकर किया जाएगा इलाज, 28 तक चलेगा अभियान

RANCHI: कुष्ठ रोग मायकोबैक्टीरियम लैप्री नामक जीवाणु के कारण होता है। इसे लेकर स्वास्थ्य विभाग की ओर से 15 जून से लेकर 28 जून 2023 तक अभियान चलाया जाएगा। जिसमें स्वास्थ्य विभाग की टीम हर घर तक पहुंचेगी। जिससे कि समय रहते कुष्ठ मरीजों का पता लगाकर उनका इलाज शुरू किया जा सके। राज्य स्तरीय कुष्ठ जागरूकता मीडिया कमिटी की अध्यक्षता डॉ भुवनेश प्रताप सिंह, अभियान निदेशक, राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन ने कहा कि कुष्ठ रोग मायकोबैक्टीरियम लैप्री नामक जीवाणु के कारण होती है। इस बीमारी का असर मुख्य रूप से इंसान के हाथ-पैर, स्किन, आंख और नाक की लाइनिंग पर पड़ता है। हालांकि यह बीमारी बहुत ज्यादा संक्रामक नहीं है, लेकिन मरीज के साथ लगातार लंबे संपर्क में रहने से संक्रमण हो सकता है।

समय पर उपचार जरूरी

उन्होंने बताया कि कुष्ठ रोगी खोज अभियान का उद्देश्य प्रभावित व्यक्तियों में कुष्ठ रोग का शीघ्र पता लगाना है, ताकि उन्हें समय पर उपचार प्रदान करके शारीरिक अक्षमता और विकृति से बचाया जा सके। इस प्रकार सामुदायिक स्तर पर बीमारी फैलने से भी रोका जा सकेगा। यह अभियान 15 जून से 28 जून 2023 तक चलेगा। उन्होंने कहा कि अभियान मुख्य रूप से कुष्ठ के सक्रिय मामले की खोज और आईईसी के माध्यम से सामान्य आबादी में जागरूकता तथा प्रचार-प्रसार के जिला, ब्लॉक तथा पंचायत स्तर पर करने का निदेश दिया।

पैरेंट्स लिखेंगे कि नहीं है कुष्ठ मरीज

उन्होंने कहा कि आरबीएसके दल के द्वारा सभी विद्यालयों में कक्षा 5 के उपर के बच्चों को कुष्ठ के संबंध में प्रचार-प्रसार के रूप में एक प्रारूप दिया जाए। जिसमें बच्चें अपने माता और पिता से यह हस्ताक्षर करायेंगे कि उनके घर में कुष्ठ रोगी नहीं है। वहीं प्रत्येक स्कूल में बच्चों को कुष्ठ रोग जागरूकता हेतु विभिन्न प्रतियोगिता आयोजित करने का निदेश दिया। उन्होंने कहा कि अभियान की गुणवत्ता हेतु राज्य स्तर पर चयनित संस्थाओं के द्वारा इस अभियान का सत्यापन कराया जाएगा। उन्होंने सहियाओं को राज्य के द्वारा ऑनलाईन संबोधन और समीक्षा किए जाने का निदेश दिया। डॉ वीरेंद्र कुमार सिंह, निदेशक प्रमुख स्वास्थ्य सेवाएं ने कहा कि कुष्ठ का इलाज 12 महीने चलता है। कुष्ठ के कारण हाथ या पैर की उंगलियों का टेढ़ापन या अन्य प्रकार की दिव्यांगता का इलाज सर्जरी के माध्यम से हास्पिटल में निःशुल्क किया जाता है। सर्जरी के लिए जिला कुष्ठ रोग अधिकारी की संस्तुति के साथ ही इलाज का पूरा होना अनिवार्य है। उन्होंने कहा कि अभियान का उद्देश्य प्रभावित व्यक्तियों में कुष्ठ रोग का शीघ्र पता लगाना है।

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