
अभिभावकों के सपने अब लेने लगे आकार
रांची :
मेरी बेटी अंजना दास भी अब इंग्लिश मीडियम स्कूल में पढ़ाई कर सकेगी. मेरी इच्छा थी कि वह भी अंग्रेजी स्कूल में पढ़े पर आर्थिक समस्या के कारण मैं सीबीएसई स्कूल में पढ़ाने में सक्षम नहीं थी. यह कहते हुए जमशेदपुर निवासी रूबी दास का गला रूंध जाता है.रूबी दास भी अपनी बेटी अंजना को उत्कृष्ट स्कूल की प्रवेश परीक्षा दिलाने लाई थी. रूबी दास जैसे हजारो अभिभावकों के चेहरे पर अब उम्मीद की किरण है.
मुख्यमंत्री के पहल पर शुरू की गई उत्कृष्ट विद्यालयों ने आर्थिक रूप से कमजोर लोगों व उनके बच्चों को सपने देखने का मौका दिया है. ऐसे ही हजारों अभिभावकों के सपने आज आकार ले रहें. जब उनके बच्चे सरकार द्वारा शुरू किए गए उत्कृष्ट विद्यालयों में नामांकन हेतु मंगलवार को पूरे राज्य के विभिन्न विद्यालयों में आयोजित चयन परीक्षा में शामिल हुए.
मालूम हो कि झारखण्ड में पहली बार सरकारी स्कूलों का कायाकल्प कर उत्कृष्ट विद्यालय बनाने की मुख्यमंत्री के सार्थक प्रयास के बाद अभिभावकों में अपने बच्चे-बच्चियों के नामांकन को लेकर खासा उत्साह दिख रहा है. बड़ी संख्या में अभिभावकों द्वारा झारखण्ड सरकार की उत्कृष्ट विद्यालय की इस ऐतिहासिक पहल को सराहा जा रहा है.
हर ओर दिखा उत्साह
प्रवेश परीक्षा देने आए बच्चों और उनके माता-पिता में खासा उत्साह देखने को मिला था. कई माता-पिता के लिए यह भावुक क्षण भी था. उनका सपना साकार हो रहा था. गरीबी उनके बच्चों को उत्कृष्ट शिक्षा प्रदान करने में आड़े नहीं आ रही थी. कुल 11986 उपलब्ध सीट के लिए चयन परीक्षा में कुल 37309 विद्यार्थी शामिल हुए. सबसे अधिक देवघर में 3915, पलामू में 3344, लोहरदगा 2517, चतरा में 2352, सरायकेला – खरसावां में 1818, गिरिडीह में 1693, पूर्वी सिंहभूम में 1638, रामगढ़ में 1607, रांची में 1554 विद्यार्थी शामिल हुए.
बढ़ाई गई थी आवेदन जमा करने की समय सीमा
अभिभावकों की मांग को देखते हुए उत्कृष्ट विद्यालयों में आवेदन जमा करने की समय सीमा 25 मई 2023 तक बढ़ाई गई थी. उसी के तहत मंगलवार को चयन परीक्षा का आयोजन हुआ. अब प्रथम मेधा सूची 7 जून को जारी होगा एवं 12 जून से मेधा सूची के अनुसार नामांकन प्रारंभ होगा.