पेसा नियमावली पर जन परामर्श, लोगों ने कहा-स्वायत्त जिला परिषद का गठन है जरूरी

पेसा नियमावली पर जन परामर्श का आयोजन, स्वायत्त जिला परिषद का गठन है जरूरी

रांची.

झारखंड के विभिन्न जनसंगठनों की ओर से झारखंड पेसा नियमावली के औपबंधिक प्रारूप पर विमर्श किया गया. इनमें कहा गया कि ग्राम सभाओं को उनका वास्तविक अधिकार मिलना और स्वायत जिला परिषद का गठन करना जरूरी है.

विमर्श के दौरान कहा गया कि पेसा कानून के संदर्भ में झारखंड एक प्रमुख राज्य है, यहां आधे से अधिक जिले पूर्ण रूप से अनुसूचित क्षेत्र हैं जिनके अंतर्गत लगभग 16 हजार गांव आते हैं. पेसा कानून को लेकर यहां के लोग शुरू से ही काफी सजग और सक्रिय रहे हैं. इस प्रमर्श प्रक्रिया की अवधि में भी लोगों तथा जनसंगठनों के बीच काफी सक्रियता देखी गई. विभिन्न जनसंगठनों ने अपना-अपना मंतव्य विभागों को भेजा है.

इस नियमावली का निर्माण राज्य में पेसा कानून के प्रावधानों को लागू करने हेतु किया जाना है. नियमावली नही बन पाने की दशा में केंद्र द्वारा प्राप्त होने वाली आर्थिक सहायता बंद हो जाएगी. इस क्रम में पिछले माह राज्य के पंचायती राज विभाग द्वारा झारखंड पेसा नियमवली के औपबंधिक प्रारूप को जनता के समक्ष प्रस्तुत करते हुए इस पर लोगों से आपत्ति, सुझाव तथा मंतव्य आमंत्रित किए गए थे.

विभिन्न जनसंगठनों के मन्तव्यों पर नजर डालने से यह स्पष्ट होता है कि लोगों का जोर ग्राम सभा के अधिकारों तथा स्वायत्त जिला परिषद के गठन पर है. जनसंगठनों का यह स्पष्ट मानना है कि पेसा कानून के प्रावधानों को समग्रता के साथ नियमावली में स्थापित किया जाना जरूरी है.

नियमावली के विश्लेषण और विभाग को आपत्ति प्रदान करने की इस प्रक्रिया में रांची, लोहरदगा, खूँटी, गुमला, सिमडेगा, लातेहार, पूर्वी एवं पश्चिमी सिंहभूम तथा सरायकेला-खरसावां जिलों के जनसंगठन नेटवर्क बनाकर सक्रिय है और सभी 25 अगस्त को अपने सुझाव पंचायती राज विभाग जाकर सौंपे और कइयों ने ईमेल से भेजे.

इस अभियान में आदिवासी स्वशासन अधिकार मंच, लैंड राइट्स रिसोर्स सेंटर, आदिवासी विमेंस नेटवर्क, विमेन एंड जेंडर रिसोर्स सेंटर, मानकी मुंडा संघ पश्चिम सिंहभूम, मानकी मुंडा संघ पूर्वी सिंहभूम, झारखंड उलगुलान संघ खूंटी, केंद्रीय जन संघर्ष समिति लातेहार गुमला, झारखंड प्रदेश गोंड आदिवासी महासभा सिमडेगा, मुंडा सभा रांची, आदि संगठन शामिल हैं.

पेसा नियमावली पर हुए विमर्श में बिनीत मुंडू, दीपक बाड़ा, एलेस्टेयर बोदरा, दयामनी बारला, सुदर्शन भेंगरा, रोज खाखा, कृष्णा समद, डेमका सोय, संजीव भगत, सोमय मार्डी, जेरोम जेराल्ड कुजूर, विजय गुड़िया, श्याम किशोर प्रधान, बिल्कन डांग, फुल्जेंसिया बिलुंग,  राम चंद्र उरांव, आदि शामिल हुए. यह जानकारी जनसंगठनों की ओर से एलिना होरो, सीरत कच्छप व सुषमा विरूली ने दी.

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