
झारखंडनामा डेस्क.
साल 2010 में कुछ अमेरिकी अन्वेष्कों ने लॉस एंजिलिस से पाम स्प्रिंग तक के एक पुराने हवाई रूट में एक खोज अभियान चलाया. इस अभियान के दौरान उन्हें एक पुराने पी-51 मस्टैंग हवाई जहाज की तलाश थी. हालांकि वह खोज अभियान सफल नहीं हो पाया और उसे बंद कर देना पड़ा. कुछ सालों के बाद जोश गेट्स नामक एक और अन्वेष्क व टीवी प्रस्तोता ने उस जहाज की फिर से तलाश शुरू की. जोश भी उस जहाज का पता नहीं लगा पाये पर उन्होंने अपनी तलाश के दौरान पी 51 मस्टैंग और उसके पायलट से जुड़े कई ऐसी कड़ियों को जोड़ने में सफलता हासिल की जिससे दुनिया अनजान थी. आखिर क्या था उस जहाज का रहस्य और क्यों उसे तलाशा जा रहा था…इसकी कहानी बड़ी दिलचस्प है.
वह पी 51 मस्टैंग हवाई जहाज, द्वितीय विश्वयुद्ध के समय का था जो अपनी पहली ही उड़ान के दौरान लापता हो गया था. उस जहाज को उड़ाने वाला पायलट कोई पुरुष नहीं बल्कि एक महिला थी. उस महिला का नाम था टॉमी टॉमकिंस. उसमें सबकुछ था हुनर, बहादुरी और देशप्रेम. उस दौर में टॉमी एकमात्र महिला पायलट थी जो गुम हो गयी थी जिसके बाद न तो उसके जहाज का पता चला और न ही टॉमी टॉमकिंस का.

टॉमी वैस्प नाम के स्कॉवड्रन की सदस्य थी. विश्वयुद्ध के उस दौर में वैस्प अमेरिकी वायुसेना की एकमात्र यूनिट थी जिसमें सिर्फ महिला पायलट थी. इन पायलटों को युद्ध में नहीं उतारा जाता था बल्कि वे रसद सामग्री और जरूरत के अन्य सामानों की ढुलाई का काम करती थी. बेशक वे सहायक भूमिका में थी पर उनकी भूमिका बहुत बड़ी थी. इन पायलटों को एवेंजरफील्ड नामक जगह में प्रशि्क्षण दिया जाता था. मस्टैंग के अलावा कई तरह के विमानों को उड़ाने का प्रशि्क्षण दिया जाता था. ये महिला पायलट अपने हुनर में बेमिसाल थी.
वह 26 अक्तूबर 1944 की एक सुहावनी सुबह थी. टॉमी को अपने मस्टैंग से एक आवश्यक मिशन पर पाम स्प्रींग पहुंचने के निर्देश मिले. उस समय दो और जहाज भी उड़ चुके थे. उड़ते ही दोनों जहाजों की पायलटों ने एयर ट्रैफिक कंट्रोल को बताया कि आसमान में कोहरा है. इसके बाद टॉमी के जहाज ने उड़ान भरी. उड़ने के कुछ देर बाद ही टॉमी के जहाज का एयर ट्रैफिक कंट्रोल से संपर्क टूट गया. टॉमी का जहाज पाम स्प्रींग तक कभी नहीं पहुंच सका. लोगों को यह अनुमान तो लग ही गया था कि उसके जहाज के साथ कोई हादसा हो गया था पर टॉमी के जहाज का कभी पता नहीं चला.
इस घटना के कई दशक के बाद अपने खोज अभियान के दौरान जोश ने उस पूरे रूट का सर्वेक्षण किया. एक जगह पर उन्हें द्वितीय विश्वयुद्ध के समय का पुराना जहाज मिला पर जांच से पता चला कि वह जहाज मस्टैंग नहीं एक पुराना बमवर्षक था. इसके बाद जोश ने अपने जांच का दायरा बदला और उन्होंने एलए (लॉस एंजिलिस) के आसपास संभावित रूट के समुद्री इलाके में छानबीन की. एक जगह पर उन्हें समुद्र के अंदर एक डूबा जहाज मिला पर वह भी उस मस्टैंग का अवशेष नहीं था जिसकी तलाश की जा रही थी. बहरहाल जोश को एक 92 वर्षीय ऐसी महिला के बारे में पता चला जो टॉमी के ही बैच की थी. उस महिला का नाम नेल था और उसकी यादाश्त अभी भी बहुत अच्छी थी.
टॉमी का जिक्र होते ही उसकी आंखे चमक उठी. उसने कहा कि वह (टॉमी) बेहद शर्मीली थी पर उसका उत्साह गजब का था. वह युवा थी, खूबसूरत थी और बहादुर भी. टॉमी के साथ हुए हादसे का जिक्र करते हुए उसने कहा कि-टॉमी की कुशलता पर सवाल नहीं उठाया जा सकता. वह जिस जहाज को उड़ा रही थी वह फैक्ट्री से निकला ही था. उसे कभी भी टेस्ट नहीं किया गया था. ऐसा लगता है कि जहाज किसी तकनीकी खराबी का शिकार हो गया. बहरहाल टॉमी और उसका जहाज एक रहस्य के घेरे में ही है-शायद किसी दिन उसका पता चल जाए. वैस्प की पायलटों का आदर्श वाक्य था- हम हवा और रेत में रहते हैं पर हमारी नजर सितारों पर रहती है. हर रोज आसमान में हम हजारों सितारों के दीदार करते हैं, क्या पता टॉमी भी उन्हीं में से किसी एक में हो.
साभार : एक्सपीडिशन अननोन